अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा: तेहरान की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रतिशोध के नारे
Ayatollah Ali Khamenei's final journey
तेहरान। Ayatollah Ali Khamenei's final journey, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह तेहरान के इमाम हुसैन स्क्वायर से राष्ट्रगान बजाकर शुरू की गई। खामेनेई के जनाजे में उनके तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा समेत देश का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ, लेकिन सुरक्षा कारणों से खामेनेई के उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से इस यात्रा में शामिल नहीं हुए।
इससे पहले रविवार को ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित अंतिम यात्रा कार्यक्रम में प्रार्थना के दौरान भारी जनसैलाब देखने को मिला। जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सैन्य कमांडरों और धार्मिक नेताओं सहित लाखों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े।

इस दौरान जनसैलाब ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू से बदला लेने के लिए 'किल ट्रंप' और 'किल बीबी' के नारे लगाए। साथ ही, पूर्व सुप्रीम लीडर का बदला लेने की मांग की गई। लोगों के हाथों में 'किल ट्रंप' और 'किल बीबी' के पोस्टर भी देखने को मिले।
राष्ट्रगान बजाकर शुरू की गई शोक यात्रा
आज यानी सोमवार को तेहरान की सड़कों पर खामनेई की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। इस अंतिम यात्रा की शुरुआत सोमवार सुबह ईरान का राष्ट्रगान बजाकर किया गया।

अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही हजारों लोग सड़कों पर इकठ्ठे हो गए। खामेनेई के ताबूत को तेहरान के प्रमुख मार्गों से ले जाया जा रहा है। इस दौरान वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता और सेना के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस यात्रा में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे
लाखों की भीड़ रात भर मस्जिद में रुकी रही या भोर से काफी पहले सुबह 8 बजे की प्रार्थना में शामिल होने के लिए पहुंच गई। इस दौरान शोक और प्रतिशोध की मांगे आपस में घुलमिल गईं। ईरान के लोग हाथों में ईरानी तिरंगा और लाल झंडा लेकर अपने पूर्व सुप्रीम लीडर खामनेई की तस्वीरें लिए हुए अमेरिका मुर्दाबाद और इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए बदला लेने की मांग की।

ग्रैंड मोसल्ला से अंतिम यात्रा शुरू
ईरानी अधिकारियों ने सोमवार को तेहरान की सड़कों से उनके और अन्य शवों के ताबूत को ले जाने की योजना बनाई है। उनका पार्थिव शरीर ग्रैंड मोसल्ला से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया है।
यह यात्रा 10 किलोमीटर लंबे रूट से होकर गुजरेगी और इसके 10 से 12 घंटे तक चलने का अनुमान है। इस यात्रा के बाद धार्मिक रस्मों के लिए खामेनेई के पार्थिव शरीर को कोम ले जाया जाएगा। यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस यात्रा में सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी यात्रा में शामिल हैं।
शोक के चलते अधिकारियों ने सड़कों, हवाई क्षेत्र और जनजीवन को बंद कर दिया है। यह शोक गुरुवार, 9 जुलाई को खामेनेई के जन्मस्थान मशहद में इमाम रजा तीर्थ में दफनाने के बाद समाप्त होगा।
'ट्रम्प को मार डालो'
ग्रांड मोसाला में लगे पोस्टरों और भित्तिचित्रों में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू की हत्या की मांग तक की गई थी, और भीड़ द्वारा भी इसी तरह के नारे लगाए गए थे।
प्रार्थना से पहले कार्यक्रम का संचालन कर रहे कवि मोहम्मद रसौली ने लाउडस्पीकर पर भीड़ से कहा, "अब से कफन ही हमारा वस्त्र है। मैं तुम्हारे खून की कसम खाता हूं, ट्रंप की हत्या हमारी जिम्मेदारी है।
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कवि मोहम्मद रसौली ने ट्रंप का बिना नाम लिए कहा, "दुनिया का सबसे नीच आदमी अभी भी जिंदा क्यों है? ट्रंप के लिए दुनिया अब रहने लायक जगह नहीं रही। हमारे इमाम की हत्या करने वाले को हम क्यों न मार डालें? अगर हमने ऐसा नहीं किया तो यह शर्मनाक होगा।"
आप लोगों को मार सकते लेकिन आदर्शों को नहीं
आर्मेनिया में ईरान के राजदूत खलील शिरघोलामी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, "आप लोगों को मार सकते हैं, लेकिन आदर्शों को नहीं मार सकते। आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन असल में आपने इत्र की एक बोतल तोड़ दी, जिसकी खुशबू अब हर जगह फैल गई है। आप इसे कभी नहीं समझेंगे क्योंकि आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास है , न सम्मान है।"